आज जे एन यू के लिए बस मे बैठा .. 615 नंबर की बस(DL 1PC 9856) | काफी देर से इंतज़ार करने के बाद आई थी वो बस | बस के अंदर घुसते ही मैंने ड्राईवर से पूछा भैया बस इतनी देर से क्यू आई और मुनिरका मे कुछ काम है मुझे
क्या इसके बाद भी कोई बस आने वाली है | उसने कोई जवाब नहीं दिया , क्योकि ड्राईवर जी ने कान मे इयरफोन लगा रखा था, सुनते कैसे | मैंने उन्हे छूकर फिर पूछा भाई ये बस इतनी देर से क्यू आई और क्या इसके बाद भी कोई बस है , उन्होने बड़ी परेशानी के साथ इयरफोन कान से निकाला और बोला -- क्या ? मैंने फिर पूछा |
वो हसने लगे और ड्राईवर ने जवाब दिया कि भाई क्यू पूछ रहे हो ये सब ,, आप जानते ही हो हम सब सरकारी नौकरी वाले लोग है ,, हमारा कोई टाइम नहीं होता... और न ही सरकारी चीजें टाइम से होती हैं... तो बस भला क्यू टाइम से चलने लगेगी | हमारी तो नौकरी ही इसीलिए होती है कि हमें सरकारी पैसा मिलता रहे और हम इसी तरह कान मे इयरफोन लगा के गाने सुनते रहें ,, काम वाम से हम सरकारी लोगों का कोई वास्ता नहीं होता । ये सब तो बस दिखावा है|
ड्राईवर भाई साब ने आगे जो कहा वो तो और हैरान करने वाली बात है -- अब हमे ही देखिये हमारा डीपो से बस निकालने का टाइम 2 बजे दोपहर मे था पर हमने शाम को 5 बजे बस निकाली और बस यही एक चक्कर लगा के डीपो मे खड़ी कर देंगे | और हाँ इसके बाद वाली का तो कोई भरोषा मत करिए, हो सकता है कि वो डीपो से निकले भी ना और डीपो मे ही खड़े खड़े अपना टाइम पास कर दे ...
इतना सुनकर विश्वाश हो गया कि हाँ ये सच है, क्यूकी आज इस सच से सामना हुआ है | और मै कर भी क्या लेता | ये सरकारी लोग जो ठहरे |
मैंने मुनिरका मे बस से नीचे उतरकर बस का नंबर नोट किया और यहा उसको लिख रहा हूँ -- DL 1PC 9856
जो की इस बात के सबूत के तौर पर है कि वो बस देर से निकली थी और जो ड्राईवर ने कहा वो सब सच मे भी होता है ...
इसे इससे संबन्धित अथारिटी को टैग या सेंड कर रहा हूँ बाकी इन सरकारी लोगो की मर्ज़ी |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
salam india
ab suruat ho rahi hai ek naye aaj ki
dekhte rahiye
mother india..............