हिम्मतवाला : हिम्मत का निकला दम
विजय कुमार जायसवाल
हिम्मतवाला नाम से पहली फिल्म 32 साल पहले 1981 में
आई थी जो एक तेलगु फिल्म थी इसमे मुख्य भूमिका में जयप्रदा और कृष्णा थे | इसके 2 साल बाद यानि 1983 में हिम्मतवाला के नाम से जितेंद्र और श्रीदेवी
को लेकर हिन्दी फिल्म बनाई गयी | ये दोनों ही फिल्मे अपने दौर की
सुपर हिट फिल्मे रहीं और इसी नाम के साथ 2013 मे साजिद खान ने जो हिम्मतवाला बनाई
है उसे देखकर बस यही कहा जा सकता है कि अच्छी बनी फिल्मों का रिमेक के नाम पर इससे
घटिया मज़ाक और कुछ भी नहीं हो सकता | सेंसर बोर्ड को चाहिए कि इस तरह
की पूरी फिल्म को ही कैंसिल कर दें क्योंकि अगर इस तरह की फिल्में बनती रहीं तो लोगों
का रिमेक से तो भरोसा उठ ही जाएगा बेमतलब की लोगों की जेबें भी ठीली होंगी |
जितेंद्र और श्रीदेवी की नकल करने के चक्कर मे इसके
कलाकार अपनी असली ऐक्टिन्ग भूल गए हैं | नए दौर मे बनी इस फिल्म को पुराना
दिखाने की कोशिश निरर्थक ही साबित हुयी है, जैसे नए जमाने के स्टंट और ऐक्शन
सीन दिखाने के बाद 80 के दशक के गाँव की कहानी में हीरो को ले जाकर पटक देना, क्रिकेट मैच की कमेंटरी से ये याद दिलाने की कोशिश करना कि आप 2013 में
नहीं 1983 मे बैठे हैं |
फिल्म की कहानी मूलतः एक गाँव की है जिसका नाम है रामनगर
जहां दिल्ली से हीरो रवि (अजय देवगन) अपनी सताई हुयी माँ सावित्री (ज़रीना वाहब) और
बहन पद्मा (लीना जुमानी) के साथ वापस जाता है | इस गाँव मे शेर सिंह (महेश
मांजरेकर) और उसके साले नारायण दास (परेश रावल) की चलती है, पूरे गाँव में किसी की हिम्मत
नहीं जो इनके सामने अपनी जुबान खोल सके | इन्होने ही हीरो के परिवार को
बर्बाद कर दिया था और हीरो के बाप के कातिल भी यही हैं | हीरो रवि इसी बात का बदला लेने शहर से गाँव आता है | लेकिन यहाँ उसे अपने कट्टर दुश्मन शेर सिंह की बेटी रेखा (तमन्ना भाटिया)
से प्यार हो जाता है | फिल्म की हीरोइन को भी अपने बाप
की तरह ही गाँव वालों को सताने मे मज़ा आता है और बात बात पर “आई हेट गरीब्स” का
जुमला छोड़ती रहती है | लेकिन बाद मे उसका दिल पिघल जाता
है और वो हीरो रवि का साथ देने लगती है और प्यार भी करने लगती है और इस तरह हीरो
नए नए किस्म के ऐक्शन के साथ मार धाड़ करते हुये अपना बदला पूरा करता है और
हिम्मतवाला कहलाता है, लेकिन उसको इसके लिए ये कहने की
भी जरूरत पड़ती है कि “जब तक औरत पर होगा जुल्म तब तक इंसान बनेगा हिम्मतवाला” |
फिल्म में दो पुराने गानों को रिपिट किया गया है, नैनो मे सपना ... और ताकि रे ताकि रे ... को लेकिन इन गानो में श्रीदेवी
का जो असर है वो तमन्ना भाटिया बिल्कुल भी नहीं दिखा पायी हैं इसलिए श्रीदेवी से
तुलना भी छलावा होगा | सोनाक्षी सिन्हा पर फिल्माया गया
आईटम टाइप गाना “थैंक्क गॉड इट्स फ्राइडे”
भी एकदम ठंढा ही है जो इस तरह की फिल्म को बर्बाद ही करता है | धोखा धोखा और बम पे लात गाना भी इसी तरह का है |
ये फिल्म रिमेक के साथ साथ फिल्म होने पर भी सवालिया
निशान है जिसे देखने दर्शक पैसे देकर
सिनेमा हाल तक तो पहुंच जाता है लेकिन वो खुद को ठगा हुआ महसूस करता है और कहता
रहता है कि यार कब खतम होगी बहुत बोरिंग है, इससे अच्छा तो जितेंद्र और
श्रीदेवी वाली पुरानी हिम्मतवाला ही देख लेते | फराह अखतर ने डॉन और करण
मल्होत्रा ने अग्निपथ की रिमेक बनाकर ऐसी रिमेक फिल्मों के लिए जो रास्ता बनाया था
साजिद खान उसे अपने ही स्टाइल मे पलीता लगा देते हैं | यह फिल्म पूरी तरह से “साजिद खान
का, साजिद खान के लिए, साजिद खान के द्वारा” बनाई गयी फिल्म
है | जिसके लिए आप सब को अफसोस करने और जेबें ठीली करने
की कोई जरूरत नहीं है |
हिम्मतवाला : एक नज़र मेबैनर – यू टीवी मोसन पिक्चर्सपूजा इंटरटेनमेंट इंडिया लिमिटेडनिर्देशक – साजिद खाननिर्माता – वाशु भगनानी, सिधार्थ राय कपूर, रूनी स्क्रूवालास्क्रीनप्ले – साजिद खान, फरहाद, साजिदस्टार कास्ट – अजय देवगन, तमन्ना भाटिया, महेश मांजरेकर, परेश रावल, अध्ययन सुमन, ज़रीना वहाब और लीना जुमानीआवाज़ – सुनिधि चौहान, श्रेया घोषल, ममता शर्मा,बप्पी लहीरी, मिक्का सिंग, अमित कुमारगीत – समीर,सचिन जिगरसंगीत – साजिद वाजिदम्यूजिक कंपनी – सारेगामा- एचएमवीडांस डाइरेक्टर – फराह खान, गणेश आचार्या, चिन्नी प्रकाशऐक्शन – जय सिंह निज्जररिलीज डेट – 29 मार्च 2013अवधि – 2 घंटे 30 मिनटबजट – 60 करोड़

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salam india
ab suruat ho rahi hai ek naye aaj ki
dekhte rahiye
mother india..............