साल बदल गया है, और विश्वास करूँ तो सब कुछ बदल रहा है,
जिसे महसूस भी किया जा सकता है, आशा नहीं करूंगा पर अगर दुआ कुछ होती होगी तो
करूंगा, ये बदलाव मेरी तरह न बीते | ये झूठ नहीं है कि दुनिया
में लोग जश्न मना रहे हैं और ये भी झूठ नहीं है कि अनगिनत लोगों की अनगिनत
समस्याएँ अभी भी बाकी हैं |
आज जब तारीख और साल बदल रहा है, मेरा कलेजा चाक हो रहा है
| हॉस्पिटल के आई सी यू में आज छ्ठा दिन,
सब बड़ा फ्रैंडली सा हो गया है लेकिन लोंगों की तकलीफ़ों के बीच मन भारी सा हुआ है,
सर से लेकर पाँव तक बदन अजीब तरह की चुभन से भर गया है,
रह-रह कर दिल हिम्मत हार जाता है, पर मन का विश्वास ताकत दे रहा है कि सब कुछ ठीक हो
जाएगा | मै हॉस्पिटल से खुशी-खुशी घर लौट जाऊं और लोगों की समस्याएँ हल
हो जाएँ | आगे की तारीखों मे सब के लिए खुशिओं को ढुढ़ रहा
हूँ, इसी तलाश के साथ आज आप सब का .............
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salam india
ab suruat ho rahi hai ek naye aaj ki
dekhte rahiye
mother india..............